Anna Hazare

Anna Hazare / अन्ना हजारे

Anna Hazare Quotes / अन्ना हजारे के अनमोल विचार

स्वतंत्रता के लिए लाखों लोगों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया
लेकिन कुछ स्वार्थी लोगों के कारण हमें सही स्वतंत्रता नहीं मिली .

इस देश के युवाओं से कहना चाहता हूँ कि यह लड़ाई लोकपाल के साथ ख़तम नही होनी चाहिए . हमें मौजूदा चुनावी सुधारों में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए लड़ना है . क्योंकि चुनाव प्रणाली में दोष के कारण 150 अपराधी संसद तक पहुच चुके हैं .

कल मेरा रक्त चाप कम था , लेकिन आज यह फिर से नियंत्रण में है क्योंकि देश की ताकत मेरे पीछे है .

इस सरकार में एक प्रभावी लोकपाल लाने की इच्छा नहीं है .

लोकपाल के बाद , हमें किसानो के अधिकार के लिए लड़ना होगा , एक ऐसा क़ानून लाना होगा
जो सुनिश्चित करे कि भूमि अधिग्रहण से पहले ग्राम सभाओं की अनुमति लेना अनिवार्य होगा . वही लूट , वही भ्रष्टाचार , वही उपद्रवता अभी भी मौजूद है .

मैं इस देश के लोगों से अनुरोध करता हूँ कि इस क्रांति को जारी रखें . मैं ना हूँ तो भी लोगों को संघर्ष जारी रखना चाहिए .

मेरा वज़न साढ़े पांच किलो कम हुआ है , कुछ ज्यादा नही , मैं ठीक हूँ .

मैं चिंतित हूँ कि कुछ असंवेदनशील लोगों द्वारा शाशित इस देश का क्या होगा .
लेकिन हम उन्हें जनशक्ति द्वारा बदल सकते हैं .

सरकार का पैसा लोगो का पैसा है . लोगों के भले के लिए प्रभावी नीतियां बनाएं . हम सरकार के साथ काम करने को तैयार हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई संवाद नहीं है.
हम बात करने कहाँ जाएं और हम किससे बात करें ?

क्या यह लोकतंत्र है ?सभी एक साथ पैसा बनाने आये हैं.मैं खुद को सौभाग्यशाली समझूंगा
अगर मैं अपने समाज , अपने देशवाशियों के लिए मरता हूँ.

मेरी मांगें बदलेंगी नहीं . आप मेरा सर काट सकते हैं लेकिन मुझे सर झुकाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते .

जो अपने लिए जीते हैं वो मर जाते हैं , जो समाज के लिए मरते हैं वो जिंदा रहते हैं .

देश को वास्तविक स्वतंत्रता आज़ादी के 64 साल बाद भी नहीं मिली और केवल एक बदलाव आया गोरों की जगह काले आ गए . I have lost 5 and a half kg, nothing big, I am fine.

I have lost three kgs but I am getting energy from my supporters across the country.

Lakhs of people sacrificed their lives for freedom
but due to selfishness of some people we have not got the right freedom.

This government doesn’t have the will to setup an effective Lokpal.

Those who live for themselves die, those who die for the society live.
When government refused to take the Jan Lokpal Bill we went to people’s Parliament and now we will not move.

I feel a little weak. But there is nothing to worry about it. The fight will go on till we get a strong Lokpal.

My demands will not change. You can cut off my head but not force me to bow down.

The countrymen should not lose this spirit, this is our fight against corruption.

The government’s money is the people’s money. Make effective policies for the benefit of the people
I am worried what will happen to a country that is governed by
some who are insensitive. But we can change them by Jan Shakti.

After Lokpal, we will also have to fight for farmers’ rights, bring a law
that ensures permission of gram sabhas before land acquisition.

The same loot, same corruption, same rowdyism still exists.

The treasuries are not threatened by thieves but by those who guard it.
The country is not betrayed by enemies but by these traitors.

Is this democracy? All have come together to make money. Request the people of my country to continue this kranti. People should continue to fight even if I am not there.

The country did not get actual freedom even after 64 years of independence
and the only change was that the whites have been replaced by the blacks.

Yesterday my Blood Pressure was down, but today it is back in control
because the strength of the nation is behind me.

I’m not saying all corruption will end, but at least it will reduce by 40-50 percent… the poor will benefit.