Najmun Navi Khan

Najmun Navi Khan "NAJ" / नजमुन नवी खाँ "नाज़"

Najmun Navi Khan Quotes / नजमुन नवी खाँ "नाज़" के अनमोल विचार

बन्धन कैद है कैद यानी दुःख/अँधेरा धार्मिक बंधन भी कैद की तरह है बंधन तोड़िये आंनद लीजिये दुखों से बाहर निकलिये उल्लास में डूबिये रंग जाईये होली की रंगीनियो में ईद की मिठास में दीवाली का प्रकाश बैशाखी का उल्लास भरिये क्रिसमस की मानवता लीजिए जहा से भी जिससे भी कुछ अच्छा मिले ग्रहण कीजिये धर्म की दीवारों को तोड़ दे वर्तमान में जी कर भविष्य सुधारिये धर्म के चोले में छिपे जानवरो से देश को बचाये कोइ भी धर्म कभी मानवता के खिलाफ हो नहीं सकता है धार्मिक व्यक्ति तो त्यागी,सहनशील,मानवता,दयालुता से भरपूर होता है धर्म के नाम पर जान लेने और दुसरे को परेशान करने वाले सबसे बड़े धर्म के दुश्मन है और दुसरे धर्म के लोगो से नहीं बल्कि ऐसे स्वधर्मी लोगो से ही धर्म खतरे में है

मुद्दे महज सत्ता प्राप्ति के लिए उठाए जाते हैं जिसकी सीढी बनाकर कुर्सी हासिल की जाती है हार और जीत राजनैतिक दलों की होती है लेकिन जो हर बार और हर हाल में हारता है वो है देश की जनता मुद्दे कोई भी रहे हो नुकसान जनता ने ही उठाया है चाहे वो आर्थिक रूप में हो या भावनात्मक रूप से सारे राजनैतिक दलों ने देश और देशवासियों को छला ही है कभी धर्म का चोला ओढकर कभी राष्ट्रवादी का ढोंग कर

रहमतुल्ला से रामअौतार हरा से भगवा बस इतना ही बदलाव है बाकि उसने भी शुरूआत धार्मिक स्थलों से की अगला पड़ाव ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को नष्ट कर तय किया फिर नरसंहार और बस बर्बादी ही बर्बादी जो काम अंग्रेज और पाकिस्तान ५०+ सालों में नहीं कर पाये वो कुर्सी को पाने के लिए राजनैताऔ ने चंद सालों में कर दिखाया है वो हैं धर्म/जाति के नाम पर समाज का बिखराव और टकराव देश के असली दुश्मन ऐसे नेता और धर्म गुरु है हमारे देश को ऐसे अन्दर के लोगों से बचाना ज्यादा जरूरी है

हमारा समाज प्रेरित होता है और अपनाता है जो सुविधाजनक है
जैसे फिल्मों से नायक के संघर्ष को नकारता है मगर उसके फैशन को अपनाता है

ज्यादातर उम्मीदों का अन्तिम पडाव दम तोड़ना होता है

वक्त तो हमेशा एक सा रहता है बस हमारे प्रयासों में बेवक्ती हो जाती हैं

सिक्कों की खनखनाहट की ध्वनि से चैन की बंसी की आवाज गायब हो गई है |

मेंने जोड़े हैं कागज के टुकड़े अपनी रातों की नींद और सुकून का सौदा करके |

असमाजिक तत्वों को मीडिया द्वारा कवरेज देने के कारण ही देश आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है एक बोतल और मुर्गा के एवज में न्यूज पेपर में छपती फोटो आज हजारों की मिठाई (रिश्वत) के बदले उपद्रवियों के सीधा प्रसारण तक तब्दील हो चुकी है घण्टों तक धार्मिक मूर्खों को बैठाकर न्यूज चैनल बकवास दिखाते रहते हैं नतीजा सभी को पता रहता है क्योंकि मुर्ख कुतर्क ही कर सकते हैं भारतीय न्यूज चैनल एक डस्टबिन के समान हो चुके हैं जिन्हें खोलने पर केवल दुर्गन्ध ही आती है

भारतीय समाज अपने महान विचारकों को त्याग कर आज के मौकापरस्त ढोगियो के पीछे चलने लगा है
यही कारण है कि भारतीय समाज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है

देश की 80% आबादी का हाल सोशल नेटवर्किंग साइट के यूजर्स की तरह है जो या तो दूसरे के टैग में जकड़े रहते हैं
या तो दूसरे के विचारों को शेयर कर अपने को बाधे रहते हैं खुद के विचार / चिन्तन का जबरदस्त अकाल सा पडा हुआ है धार्मिक व्यक्ति कभी राजनैतिक नही हो सकता लेकिन वर्तमान में सारी राजनीति धर्म पर ही आधारित है

हम आने वाली पीढ़ियों को केवल जहर ही दे रहे हैं चाहे वो प्राक्रतिक प्रदुषण हो या सांप्रदायिकता का जहर

आरोप लगाने वाले भी आरोपी बन जाते हैं सुबह १२ बजाने वाली घड़ी रात के १२ बजाकर पुनः सुबह के १२ बजाती है
और यही क्रम चलता रहता है भारतीय राजनैतिक दल इसका सबसे सटीक उदाहरण है

इतिहास में समाहित है अच्छाई भी और बुराई भी सकारात्मक व्यक्ति अच्छाई को लेता है साथ में पिछली गलतियो से सबक और नकारात्मक व्यक्ति बुराइयों को खोजता है इतिहास बताते वक्त ये मत भूलना चाहिए कि जो वर्तमान है वो ही इतिहास बनता है आज किया गया कार्य चाहे अच्छा हो या बुरा वो भी दर्ज होगा

भगवान झूठे बेर खाकर, गले मिलकर भी शुद्ध रहते हैं और भक्त स्पर्श की गई वस्तु छू जाने से भी अशुद्ध हो जाते हैं
ये कैसा अनुसरण है

उपवन तभी बनता है जब उसमें तरह तरह के पुष्प हो एक ही तरह के पुष्प होने पर वह खेत बन जाता है और अपनी सुन्दरता को खोता है उसी तरह किसी भी मुल्क की सुन्दरता उसके विविध धर्म, भाषा, संस्कृति के लोगों से बनती है तमाम बुरी नजरों के बावजूद हमारे मुल्क में यह खूबसूरती बरकरार है मौला हमारे मुल्क और बाहरी मुल्क में रहने वाले भारतीयों पर अपना करम बनाये रखे ! आमीन

धर्म सत्ता प्राप्ति का माध्यम, आड लेकर अनैतिक/दुराचार के करत्यो को नैतिकता में बदलने का टूल बनकर रह गया है

मनुष्यों के विकास के लिए बनाया गया धर्म अब विनाश के हथियार से ज्यादा नहीं रह गया है

इतिहास खंगालने वाले देश का वर्तमान खराब कर रहे हैं मेरे तर्क/वितर्क मुझे कभी भी तन्हा नहीं होने देते हैं

पूरे जहांन में संगीत ही है जिसमें रमने वाला हर बंधन से मुक्त हो कर निर्मल हो जाता है वो भजन भी गाता है कव्वाली भी