Nanak Dev

Guru Nanak Dev Quotes / श्री गुरु नानक देव के अनमोल विचार

Guru Nanak Dev Quotes / श्री गुरु नानक देव के अनमोल विचार

कभी भी, किसी का हक, नहीं छीनना चाहिए।

उसकी चमक से सबकुछ प्रकाशमान है।

हमेशा एक ईश्वर की उपासना करो।

तु अगर मुझे नवाजे तो तेरा करम है मेरे मालिक, वरना तेरी रहमतों के काबिल मेरी बंदगी नहीं।

मेरा जन्म नहीं हुआ है; भला मेरा जन्म या मृत्यु कैसे हो सकती है.

The production of children, the nurture of those born,
and the daily life of men, of these matters woman is visibly the cause.

By singing the Guru's hymns, I, the minstrel spread the Lord's glory.
Nanak, by praising the True Name, I have obtained the perfect Lord. कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम सबको करना पड़ता है, रब सिर्फ लकीरे देता है रंग हमको भरना पड़ता है।

दुनिया में किसी भी व्यक्ति को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। बिना गुरु के कोई भी दुसरे किनारे तक नहीं जा सकता है।

प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ, प्रभु के नाम की सेवा करो, और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ।

दूब की तरह छोटे बनकर रहो ! जब घास-पात जल जाते है तब भी दूब जस की तस रहती है।

ना मैं एक बच्चा हूँ , ना एक नवयुवक, ना ही मैं पौराणिक हूँ, ना ही किसी जाति का हूँ.

That one plant should be sown and another be produced cannot happen;
whatever seed is sown, a plant of that kind even comes forth.

I am neither a child, a young man, nor an ancient; nor am I of any caste. आप चाहे किसी भी प्रकार के बीज बोये, लेकिन उसे उचित मौसम में ही तैयार करे,
यदि आप ध्यान से इन्हें देखोंगे तो पाएंगे की बीज के गुण ही उन्हें ऊपर लाते है।

माया को जेब में ही स्थान देना चाहिए, अपने हृदय में नहीं।

वह सब कुछ है लेकिन भगवान केवल एक ही है।
उसका नाम सत्य है, रचनात्मकता उसकी शख्सियत है और अनश्वर ही उसका स्वरुप है।
जिसमे जरा भी डर नही, जो द्वेष भाव से पराया है। गुरु की दया से ही इसे प्राप्त किया जा सकता है।

Through shallow intellect, the mind becomes shallow, and one eats the fly, along with the sweets.

Riches cannot be gathered without sin and evil means. बंधुओं ! हम मौत को बुरा नहीं कहते, यदि हम जानते कि वास्तव में मरा कैसे जाता है।

भगवान एक है, लेकिन उसके कई रूप हैं। वो सभी का निर्माणकर्ता है और वो खुद मनुष्य का रूप लेता है।

तेरी हजारों आँखें हैं और फिर भी एक आंख भी नहीं, तेरे हज़ारों रूप हैं फिर भी एक रूप भी नहीं।

कोई उसे तर्क द्वारा नहीं समझ सकता, भले वो युगों तक तर्क करता रहे।

धन-समृद्धि से युक्त बड़े बड़े राज्यों के राजा-महाराजों की तुलना भी उस चींटी से नहीं की जा सकती है
जिसमे में ईश्वर का प्रेम भरा हो।

One cannot comprehend Him through reason, even if one reasoned for ages.

Thou has a thousand eyes and yet not one eye; Thou host a thousand forms and yet not one form. सांसारिक प्यार को जला दे, अपनी राख को घिसे और उसकी स्याही बनाये,
अपने दिल को कलम (पेन) बनाये, अपनी बुद्धि को लेखक बनाये,
और वह लिखे जिसका कोई अंत ना हो और जिसकी कोई सीमा न हो।

जिसे खुद पर विश्वास नही है वह कभी भगवान पर विश्वास कर ही नही सकता।

शांति से अपने ही घर में खुद का विचार करे तब आपको मृत्यु का दूत छु भी नही पायेगा।

ये दुनिया एक नाटक है जिसे सपनो में प्रस्तुत करना होता है।

तुम्हारी दया ही मेरा सामाजिक दर्जा (ओहदा) है।

Whatever kind of seed is sown in a field, prepared in due season,
a plant of that same kind, marked with the peculiar qualities of the seed, springs up in it.

Whatever be the qualities of the man with whom a woman is united according to the law,
such qualities even she assumes, like a river, united with the ocean. वे लोग जिनके पास प्यार है, वे उन लोगो में से है जिन्होंने भगवान को ढूंढ लिया।

योगी को किस बात का डर होना चाहिए? पेड़, पौधे सभी उसीके अंदर और बाहर होते है।

सिर्फ और सिर्फ वहि बोले जो शब्द आपको सम्मानित करते है।

ना मैं पुरुष हु, ना ही महीला और ना ही नपुंसक. मैं तो बस एक शांतिवाहक हु
जिसमे अपार आत्मविश्वास, साहस और अनंत ज्योति है।

ये पूरी दुनिया कठनाइयो में है। वह जिसे खुद पर भरोसा है वही विजेता कहलाता है। Let no man in the world live in delusion. Without a Guru none can cross over to the other shore.

Sing the songs of joy to the Lord, serve the Name of the Lord, and become the servant of His servants.

From its brilliancy everything is illuminated.

Let God's grace be the mosque, and devotion the prayer mat. Let the Quran be the good conduct. I bow at His Feet constantly, and pray to Him, the Guru, the True Guru, has shown me the Way.

Even Kings and emperors with heaps of wealth and vast dominion
cannot compare with an ant filled with the love of God.

I am not the born; how can there be either birth or death for me?